जब हम बाजारों में साथ साथ चलेंगे,

जब हम बाजारों में साथ साथ चलेंगे,
मुझे लगता है ये चरचे अखबारों में छपेंगे,

एक आदमी कहेगा
मैंने इंसान और खुदा को साथ जाते देखा,
उन्हें बात करते, हस्ते मुस्कुराते देखा,

दूसरा आदमी कहेगा
मैने देखा एक परी को आदमज़ाद के साथ,
सच है आती हैं ज़मीन पे वो हर चाँदनी रात,

तीसरा आदमी कहेगा
मैने देखा ज़मीन और आसमान को मिलते हुए,
सब हयात को दो लोगो में सिमटते हुए,

चौथा आदमी कहेगा
मैंने देखा चाँद को पेड़ की शाख पे खिलते हुए,
मैंने देखा सितारों को फूल से मिलते हुए,

पाँचवां आदमी केहगा
मानने लगा हूँ मैं अब किस्मत तकदीर को,
देख उस जागती हुई रांझा और हीर को,

और जाने क्या क्या किस्से बनेंगे,
और जाने क्या क्या लोग बातें करेंगें,
जब हम बाजारों में साथ साथ चलेंगे!

एक दिन माँगता हूँ तुमसे ज़िन्दगी का

एक दिन माँगता हूँ
तुमसे ज़िन्दगी का,
ही सके तो मुझको दे दो,

एक नज़र माँगता हूँ
प्यार की, हो सके तो
ओ प्रिय मुझको देख लो,

बुहत कुछ तो नहीं माँगता,
अल्फ़ाज़ दो कोइ भी
प्यार से बोल दो,

सदियों से मुसाफिर हूँ
रस्तों का, एक रात अपने
दिल किनारे सोने दो,

शायद मैं जान जाऊं
इश्क़ क्या है,इतना
सा मेरे पे करम कर दो!

दिल नहीं लगता दो बातें करनी है

दिल नहीं लगता
दो बातें करनी है,
आ चुपके से
आ के सुन जा,
फुरसत नहीँ
है काम से ओ यारा,

फीकी फीकी सी
रोटी है, दाल भी
फीकी फीकी सी है,
तू हल्का हल्का
सा आ के इस को
नमकीन करदे ओ यारा,
दिल नहीं लगता
दो बातें करनी हैं....

सूनी सूनी सी शाम है,
मेरा दिल बहलाने
के लिए न कोई इंतज़ाम है,
तू मुझको बहलाने
के लिए, निकल
आ आसमान में
बनके कोई सितारा,
दिल नहीं लगता
दो बातें करनी हैं....

रात है चाहे मस्त
भीनी भीनी सी
फिर भी आँखों में
आई नींद नहीं,
तू आ के मुझको
इक्क लोरी सुना जा,
गा दे गीत कोइ
मीठा सा छेड़ इकतारा,
दिल नहीं लगता
दो बातें करनी हैं....

एक उसकी खातिर बनके खुदा

उसके दिल में
रह के उसकी
बातें सुनना चाहता हूँ,
मैं उसको
उससे भी ज़्यादा
समझना चाहता हूँ,

जितना वो
खुद अपना ख्याल
रखती है,
उससे भी ज्यादा
उसकी परवाह
करना चाहता हूँ,

उसने कुछ
सपने देखे होंगे,
उसने कुछ
चलने के लिए
रस्ते नापें होंगे,
मैं उसको उससे भी
आगे निकलता
देखना चाहता हूँ,

मैं बनना
चाहता हूँ कल्पतरु,
मैं बनना
चाहता हूँ कामधेनु,
और उसकी
हर चाह पूरी
करना चाहता हूँ,

यूँ मुझको
खुदाई का कोई
शोंक नहीँ,
पर बस सिर्फ
एक उसकी खातिर
बनके खुदा,
जो वो चाहे
जैसे वो चाहे,
उसकी तकदीर
लिखना चाहता हूँ!

दो बातें की हैं बस उससे हस के

दो बातें की हैं बस
उससे हस के,
चाहने लगी है इतना
मुझे वो अभी से,
मुझसे कभी कोई
भूल न हो,
माँगता हूँ इतना मैं
अपने रब से,

उसकी बातों से
लगता है,
उसने सब मुझपे
अपना वार दिया है,
मेरी जीत के लिए,
अपना सब कुछ
उसने हार दिया है,
मैं जीत के सब खुशियाँ
ला रख दूँ
उसके कदमों में,
माँगता हूँ हुनर
इतना बस अपने रब से,

अपना घर, गाओं,
गलियाँ, रिश्ते
नाते छोड़ के
सब पीछे,
वो बड़ी चली
आ रही है,
नदी पर्वत से नीचे,
मैं सागर सी
बाहों सा उसको
दे प्यार सकूँ,
रब्ब मुझको
इतनी शक्ति दे,

जितना सोचा था,
जितना चाहा था,
वो है कहीं
ज्यादा उस सभ से,
उसको भी मिले
जितना उसने चाहा हो
कहाँ ज्यादा उससे,
मुझको उसके
पाऊँ की ज़मीन,
उसके सर का
आसमान कर दे,
इतना माँगता हूँ
अपने रब से!

ਓ ਥਾਂ ਪੂਜਨਹਾਰ, ਜਿੱਥੇ ਵੱਸਦਾ ਸੋਹਣਾ ਯਾਰ

ਓ ਥਾਂ ਪੂਜਨਹਾਰ,
ਜਿੱਥੇ ਵੱਸਦਾ ਸੋਹਣਾ ਯਾਰ,

ਓ ਥਾਂ ਮੰਦਿਰ,
ਓ ਥਾਂ ਮਸਜਿਦ,
ਓ ਥਾਂ ਠਾਕੁਰਦ੍ਵਾਰ,
ਜਿੱਥੇ ਵੱਸਦਾ ਸੋਹਣਾ ਯਾਰ,

ਓ ਥਾਂ ਦੇ ਜਾਵਾਂ ਵਾਰੀ ਵਾਰੀ,
ਓ ਥਾਂ ਦੇ ਜਾਵਾਂ ਬਲਿਹਾਰ,
ਜਿੱਥੇ ਵੱਸਦਾ ਸੋਹਣਾ ਯਾਰ,

ਓ ਦੇਹਰੀ ਨੂੰ ਲੱਖ ਲੱਖ ਸੱਜਦੇ,
ਓ ਪੌੜੀ ਨੂੰ ਸੋ ਸੋ ਪਿਆਰ,
ਸਾਂਵਲ ਜਿਸ ਤੇ ਬੈਠੇ,
ਢੋਲਾ ਜਿਸ ਤੇ ਰੱਖ ਕਦਮ,
ਜਾਵੇ ਅੰਦਰ ਬਾਹਰ,
ਓ ਥਾਂ ਪੂਜਨਹਾਰ,

ਓਹੀਓ ਰੁੱਖ ਨੀ ਸਈਓਂ ਚੰਦਨ,
ਓਹੀਓ ਸ਼ਹਿਰ ਨੀ ਕੁੜੀਓ ਲੰਡਨ,
ਜਿਹਦੀ ਛਾਵੇਂ ਉਹ ਬਹਿ ਸੀ,
ਜਿਹਦੀ ਗਲੀਆਂ ਉਹ ਰਹਿ ਸੀ,

ਓਹੀਓ ਫ਼ੁੱਲ ਨੀ ਚੰਬਾ ਸਖੀਏ,
ਓਹੀਓ ਫੁੱਲ ਨੀ ਚਮੇਲੀ ਸਖੀਏ,
ਪੱਤ ਜਿਹੜਾ ਨਿਮਮੜੀ ਦਾ,
ਛੋ ਸੱਜਣਾ ਦੀ ਪਾ,
ਹੁੰਦਾ ਫਿਰੇ ਗਲੀ ਗਲੀ ਖਵਾਰ,
ਓ ਥਾਂ ਪੂਜਨਹਾਰ,
ਜਿੱਥੇ ਵੱਸਦਾ ਸੋਹਣਾ ਯਾਰ

ਓਹੀਓ ਧੁੱਪ ਮੈਨੂੰ ਛੂ ਜਾਵੇ,
ਓਹੀਓ ਪੌਣ ਮੇਰੇ ਗੱਲ ਲੱਗ ਜਾਵੇ,
ਜਿਹੜੀ ਧੁੱਪ ਓਹਦਾ ਮੁੱਖ ਛੁਇਆ,
ਜਿਹੜੀ ਪੌਣ ਓਹਦਾ ਹੱਥ ਚੁੰਮਿਆ,
ਟੁੱਟਣ ਮੇਰੇ ਦੁੱਖ ਹਜ਼ਾਰ,
ਓ ਥਾਂ ਪੂਜਨਹਾਰ,
ਜਿੱਥੇ ਵੱਸਦਾ ਸੋਹਣਾ ਯਾਰ!

Madam ji bade busy hain

Chat bhi mushkil,
baat bhi mushkil,
jo bhi socho sab,
kaam hain mushkil,
kuch bhi na easy hai,
madam ji bade busy hain,
madam ji bade busy hain...

24 ghante mein,
40 so kaam hain inko,
subaah bhi kaam hai inko,
shaam ko bhi kaam hai inko,
calendar full inka ae to zee hai,
madam ji bade busy hain...

haaye hamm kis se batiyaayein,
haaye hamm kis se guftgu ladayein,
jab bhi karo baat,
do minute ke baad,
keh dete hain abhi free nahin hain,
madam ji bade busy hain...