If it is a girl I will call her bumble bee

If it is a girl I will call her bumble bee,
if it is a boy I will call him Scooby d,
equally joyus, equally buoyant, either case will be.

Yes the greatest joy is of mother and father,
a part of whom will be now an other being,
but equally unforgettable the moment for me it will be,
If it is a girl I will call her bumble bee...

Who knows what the little babies like
who knows to their tender mind what is the thing which most strikes,
but I would like to come on a Saturday afternoon and sing a lullaby,
If it is a girl I will call her bumble bee...

आओ के आ के सामने बैठ जाओ,

आओ के आ के सामने बैठ जा
मेरे हमदम मेरी आँखों में बस जाओ,

अभी लगता है एक ख्याल हो जैसे,
ख्याल से अब हकीकत में ढल जाओ,

खुदा सा मान अब और इबादत नहीं होती,
बन के आदम अब तुम सामने आओ,

ये माना के परी-पैकर हो, सितारों से हो,
पर अब लगाई है तो ज़मीन पे आओ,

अब क्यों मिलते हो इतने हिजाबों में,
अब तो चेहरा ए नूरानी से परदा हटाओ,

एक झलक चाहिए के इश्क़ गहरा हो,
इतनी सी इल्तज़ा है गौर फर्माओ,

प्यासा है दुनिया-ए-सहरा में एक नज़र का,
दे के दीदार उसकी प्यास तुम बुजाओ,

हुई इश्क़ ए मजाजी बुहत अब,
अब हमें इश्क़ के हक़ीक़ी पे ले जाओ,

आओ के आ के सामने बैठ जाओ,
मेरे हमदम मेरी आँखों में बस जाओ....

जब हम बाजारों में साथ साथ चलेंगे,

जब हम बाजारों में साथ साथ चलेंगे,
मुझे लगता है ये चरचे अखबारों में छपेंगे,

एक आदमी कहेगा
मैंने इंसान और खुदा को साथ जाते देखा,
उन्हें बात करते, हस्ते मुस्कुराते देखा,

दूसरा आदमी कहेगा
मैने देखा एक परी को आदमज़ाद के साथ,
सच है आती हैं ज़मीन पे वो हर चाँदनी रात,

तीसरा आदमी कहेगा
मैने देखा ज़मीन और आसमान को मिलते हुए,
सब हयात को दो लोगो में सिमटते हुए,

चौथा आदमी कहेगा
मैंने देखा चाँद को पेड़ की शाख पे खिलते हुए,
मैंने देखा सितारों को फूल से मिलते हुए,

पाँचवां आदमी केहगा
मानने लगा हूँ मैं अब किस्मत तकदीर को,
देख उस जागती हुई रांझा और हीर को,

और जाने क्या क्या किस्से बनेंगे,
और जाने क्या क्या लोग बातें करेंगें,
जब हम बाजारों में साथ साथ चलेंगे!

एक दिन माँगता हूँ तुमसे ज़िन्दगी का

एक दिन माँगता हूँ
तुमसे ज़िन्दगी का,
ही सके तो मुझको दे दो,

एक नज़र माँगता हूँ
प्यार की, हो सके तो
ओ प्रिय मुझको देख लो,

बुहत कुछ तो नहीं माँगता,
अल्फ़ाज़ दो कोइ भी
प्यार से बोल दो,

सदियों से मुसाफिर हूँ
रस्तों का, एक रात अपने
दिल किनारे सोने दो,

शायद मैं जान जाऊं
इश्क़ क्या है,इतना
सा मेरे पे करम कर दो!

दिल नहीं लगता दो बातें करनी है

दिल नहीं लगता
दो बातें करनी है,
आ चुपके से
आ के सुन जा,
फुरसत नहीँ
है काम से ओ यारा,

फीकी फीकी सी
रोटी है, दाल भी
फीकी फीकी सी है,
तू हल्का हल्का
सा आ के इस को
नमकीन करदे ओ यारा,
दिल नहीं लगता
दो बातें करनी हैं....

सूनी सूनी सी शाम है,
मेरा दिल बहलाने
के लिए न कोई इंतज़ाम है,
तू मुझको बहलाने
के लिए, निकल
आ आसमान में
बनके कोई सितारा,
दिल नहीं लगता
दो बातें करनी हैं....

रात है चाहे मस्त
भीनी भीनी सी
फिर भी आँखों में
आई नींद नहीं,
तू आ के मुझको
इक्क लोरी सुना जा,
गा दे गीत कोइ
मीठा सा छेड़ इकतारा,
दिल नहीं लगता
दो बातें करनी हैं....

एक उसकी खातिर बनके खुदा

उसके दिल में
रह के उसकी
बातें सुनना चाहता हूँ,
मैं उसको
उससे भी ज़्यादा
समझना चाहता हूँ,

जितना वो
खुद अपना ख्याल
रखती है,
उससे भी ज्यादा
उसकी परवाह
करना चाहता हूँ,

उसने कुछ
सपने देखे होंगे,
उसने कुछ
चलने के लिए
रस्ते नापें होंगे,
मैं उसको उससे भी
आगे निकलता
देखना चाहता हूँ,

मैं बनना
चाहता हूँ कल्पतरु,
मैं बनना
चाहता हूँ कामधेनु,
और उसकी
हर चाह पूरी
करना चाहता हूँ,

यूँ मुझको
खुदाई का कोई
शोंक नहीँ,
पर बस सिर्फ
एक उसकी खातिर
बनके खुदा,
जो वो चाहे
जैसे वो चाहे,
उसकी तकदीर
लिखना चाहता हूँ!

दो बातें की हैं बस उससे हस के

दो बातें की हैं बस
उससे हस के,
चाहने लगी है इतना
मुझे वो अभी से,
मुझसे कभी कोई
भूल न हो,
माँगता हूँ इतना मैं
अपने रब से,

उसकी बातों से
लगता है,
उसने सब मुझपे
अपना वार दिया है,
मेरी जीत के लिए,
अपना सब कुछ
उसने हार दिया है,
मैं जीत के सब खुशियाँ
ला रख दूँ
उसके कदमों में,
माँगता हूँ हुनर
इतना बस अपने रब से,

अपना घर, गाओं,
गलियाँ, रिश्ते
नाते छोड़ के
सब पीछे,
वो बड़ी चली
आ रही है,
नदी पर्वत से नीचे,
मैं सागर सी
बाहों सा उसको
दे प्यार सकूँ,
रब्ब मुझको
इतनी शक्ति दे,

जितना सोचा था,
जितना चाहा था,
वो है कहीं
ज्यादा उस सभ से,
उसको भी मिले
जितना उसने चाहा हो
कहाँ ज्यादा उससे,
मुझको उसके
पाऊँ की ज़मीन,
उसके सर का
आसमान कर दे,
इतना माँगता हूँ
अपने रब से!