इन्हीं से मेरी जीत होगी

ज़िंदगी की जंग पे निकला हूं

तेरे प्यार की ढाल ले कर,

बाहर आज भी सर्दी बहुत है,

तेरी चाह की शाल ले कर,


तेरी आँखों की खुशबू,

तेरी बातों का लम्स,

तेरी यादों के गुलाब,

तेरे एहसासों की रोशनी के साथ,


और जब भी कभी 

सुख जाता हूँ मुरझा जाता हूँ,

भीग जाता हूं तेरी हसी की बारिशों में,


फिर लहलहाने लगता हूं

फसलों की तरह

दो पल तुम्हारे पास बैठने के बाद,


बस इसी तरह साथ देते रहना,

दूर हो, के पास हो,

गुनगुनाते रहना गीत ज़िंदगी के,

उम्मीद के, आरज़ू के,


यही मेरे रस्ता आसान करते हैं,

इन्हीं से मेरी जीत होगी।

बीमार

लफ्ज़ आहिस्ता से रखो,  

धीमे लहज़े में बात करो,

वो बीमार भी है,  

ना उम्मीद भी,  

घबराया हुआ भी,


इस वक्त उसको  

नसीहत की नहीं,  

साथ की ज़रूरत है,


साथी वो जो  

उसी की सुन सके,  

हाथ दे के बस  

खड़ा कर सके,


क्यों सोचते हो  

कि उसे कुछ मालूम नहीं?

उसे चाह चाह के पूज पूज के मैने खुदा कर लिया

उसे चाह चाह के पूज पूज के मैने खुदा कर लिया,

बस इन्हीं बातों ने मेरी, मुझे उससे दूर कर दिया,

वक़्त फिर पलटेगा

आज जिन बातों पे रो रहे हैं,

कल उन्हीं बातों पे हसेंगे,

मौसम बदलेंगे,

वक़्त फिर पलटेगा!

Caregivers

Clutching my mobile

like a prayer book,

he is sick and

we are on the hook.

लडकियों की चाहत भी अजीब होती है

लडकियों की चाहत भी अजीब होती है,

या तो चाहती ही नहीं है,

खेल देती हैं दाव तो फिर सोचती नहीं हैं,


झोंक देती हैं अपने आप को हर आग में,

मोम की गुड़ियाँ, 

और लोहा बन कर निकलती हैं,


लोहा जिसे मुश्किलें काट नहीं सकती,

शक्ति जो उठा ले, तो फिर हथियार नहीं रखती,


अगर पास होता एक वर के,

किस की राहें आसान करनी हैं,

कोई होते कुंडल, कवच मेरे पास करन की तरह,

दे के दान मांग लेता तुम्हारे लिए मुक्ति,


पर अभी तो खड़ा हूँ,

बहनो, माताओ, बेटियो तुम्हारे साथ

जहाँ तक भी चल सकूं|

I just reach when my people need me

 I don't know what religion is,

I don't know what leadership is,

I don't know what affection is,

I don't know what relationship is,

I just reach when my people need me.