तल्ख़ हो गया है दिल, तल्ख़ लोगों में रह के,
चलो देखें कैसा है दिल, कुछ दिन तन्हा रह के,
गाँव छोड़ आए थे सोच, शहर में ख़ुशी मिलेगी,
शहर अच्छा लगने लगे, चलो फिर आएँ गाँव रह के,
हक़ीक़त ठीक तो है, जाने क्यों बुरी लग रही,
हालात बुरे हों सच में, चलो आएँ अब वहाँ रह के,
कोई बात नहीं सुनता, किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ता,
सच है क्या? चलो देख लें, कुछ दिन चुप रह के,
ये थकान, ये नाराज़गी, ये ग़ुबार जाने किस बात का है,
चलो ढूँढ लें, कुछ दिन अब ख़ुद से ही दूर रह के।
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