कोई ख्यालों के लिए हथकड़ी त्यार करे

 जिस्म को तो ज़बरन 

पकड़ कर बिठा लेते हैं,

दिल का कोई क्या करे,


हैं हज़ारों ज़ंजीर देह

को बाँधने के लिए,

कोई ख्यालों के लिए

हथकड़ी त्यार करे!


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