हो गया है जो बवाल उसे याद करके क्या फायदा,
होना था सो हो गया अब मलाल करके क्या फायदा,
कुछ मजबूरियाँ, कुछ परेशानियाँ कुछ वक़्त ऐसा था,
दिल को उस दिन की याद में बेहाल रखके क्या फायदा,
दिल मेरा भी साफ़ था इरादा आपका भी हमेशा नेक था,
एक दुसरे के लिए जहन में बुरा ख्याल रखके क्या फायदा,
हम अपने गुनाह पे पशेमान भी है और तौबा भी करेंगे,
दो घडी की बात पे आशनाई खत्म हो उससे क्या फायदा,
एक पन्ना जो खराब है किताब से चलो निकाल देते हैं,
उम्र भर के लिए याद को खराब रखने का क्या फायदा!