यही है अमूमन इश्क़ की हकीकत

जिसे चाहो या तो वो मिलता नहीं,

जो मिल जाए कोई देर बाद,

फिर उसे चाहने के लिए 

रहता पास वक़्त नहीं,

यही है अमूमन इश्क़ की हकीकत,

बड़ी तंग इसकी गलियाँ,

बड़ी पत्थर इसकी ज़मीन! 

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